भोपाल। मध्य प्रदेश में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई मंत्रिपरिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, शिक्षा, सिंचाई, परिवहन, कृषि और जनकल्याण से जुड़े कई महत्वपूर्ण फैसलों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट ने विभिन्न योजनाओं और विकास कार्यों के लिए ₹42,490 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों को स्वीकृति दी है। बैठक में मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा को लेकर भी बड़ा फैसला हुआ है, जिसे 25 सितंबर 2026 से शुरू करने की तैयारी है।
शिक्षा के लिए ₹36 हजार करोड़ से अधिक का प्रावधान
कैबिनेट के फैसलों में शिक्षा क्षेत्र को बड़ी प्राथमिकता दी गई है। समग्र शिक्षा योजना को वित्तीय वर्ष 2026-27 से 2030-31 तक जारी रखने के लिए ₹36,006.22 करोड़ की स्वीकृति दी गई है।
इस योजना का उद्देश्य स्कूल शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना, विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराना, व्यावसायिक शिक्षा को बढ़ावा देना और शिक्षा में समान अवसर सुनिश्चित करना है। योजना के तहत पूर्व प्राथमिक स्तर से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को विभिन्न सुविधाओं और कार्यक्रमों का लाभ मिलना प्रस्तावित है।
25 सितंबर से शुरू होगी मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा
मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए कैबिनेट का एक अहम फैसला मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा को लेकर रहा। सरकार के अनुसार इस सेवा का शुभारंभ 25 सितंबर 2026 से किया जाएगा।
योजना के तहत लगभग 150 सिटी रूट, 450 इंटरसिटी रूट और 436 अंतरराज्यीय रूट विकसित किए जाने की जानकारी दी गई है। लंबे समय से बंद सरकारी बस परिवहन व्यवस्था को नए स्वरूप में दोबारा मजबूत करने की दिशा में इसे महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इस व्यवस्था का उद्देश्य शहरों के साथ-साथ अलग-अलग जिलों और दूसरे राज्यों के बीच सार्वजनिक परिवहन की कनेक्टिविटी को बेहतर करना है। हालांकि वास्तविक संचालन अलग-अलग रूट पर उपलब्ध बसों और प्रशासनिक तैयारियों के अनुसार चरणबद्ध तरीके से हो सकता है।
सिंचाई परियोजनाओं पर भी बड़ा फैसला
कैबिनेट बैठक में किसानों और सिंचाई सुविधाओं से जुड़े कई प्रस्तावों को भी मंजूरी दी गई। उज्जैन की चितावद वृहद सिंचाई परियोजना, सिंगरौली की गौंड वृहद सिंचाई परियोजना और चंदेरी की माइक्रो सिंचाई परियोजना को जारी रखने के फैसले की जानकारी सामने आई है।
इन परियोजनाओं पर हजारों करोड़ रुपये खर्च किए जाने हैं। सरकार का उद्देश्य कृषि क्षेत्र में सिंचाई क्षमता बढ़ाना और किसानों को खेती के लिए अधिक भरोसेमंद जल उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
उद्यानिकी क्षेत्र के लिए भी करोड़ों रुपये
उद्यानिकी विभाग की आठ योजनाओं को जारी रखने के लिए करीब ₹491 करोड़ के प्रावधान की जानकारी सामने आई है। इसमें फलदार पौधों, मसाला फसलों, संरक्षित खेती और अन्य उद्यानिकी गतिविधियों को बढ़ावा देने से जुड़े कार्य शामिल हैं।
मध्य प्रदेश में कृषि के साथ उद्यानिकी का क्षेत्र भी तेजी से महत्वपूर्ण हो रहा है। ऐसे में सरकार की ओर से इन योजनाओं को जारी रखने का फैसला किसानों के लिए उपयोगी साबित हो सकता है, हालांकि वास्तविक लाभ योजना के क्रियान्वयन और पात्रता पर निर्भर करेगा।
स्वामित्व योजना को लेकर भी बड़ा अपडेट
कैबिनेट से जुड़े फैसलों में ग्रामीण क्षेत्रों में संपत्ति अधिकारों को मजबूत करने के लिए स्वामित्व योजना से जुड़ी प्रक्रिया का भी उल्लेख किया गया है। 17 सितंबर से इंदौर में स्वामित्व अधिकार अभिलेख निष्पादन एवं पंजीयन योजना शुरू किए जाने की जानकारी दी गई है।
इस योजना के तहत ग्रामीण आबादी से जुड़े भूमि और भवन रिकॉर्ड को व्यवस्थित करने तथा पात्र हितग्राहियों को संपत्ति संबंधी अधिकारों के दस्तावेज उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।
मेधावी विद्यार्थियों को मिलेगी ई-स्कूटी
मध्य प्रदेश सरकार की मुख्यमंत्री ई-स्कूटी योजना को लेकर भी कैबिनेट बैठक में जानकारी दी गई। 19 सितंबर को 7,500 से अधिक पात्र विद्यार्थियों को ई-स्कूटी दिए जाने की तैयारी है।
सरकार के अनुसार इस योजना का उद्देश्य शासकीय स्कूलों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए आवागमन की सुविधा उपलब्ध कराना और उन्हें आगे की पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करना है।
किसानों और MSP व्यवस्था से जुड़े फैसले
कैबिनेट में न्यूनतम समर्थन मूल्य पर खाद्यान्न उपार्जन से संबंधित वित्तीय व्यवस्था को लेकर भी फैसला लिया गया है। सरकारी उपार्जन के लिए निर्धारित ऋण सीमा के पुनर्भुगतान हेतु ब्याज मुक्त ऋण उपलब्ध कराने के प्रस्ताव को मंजूरी दिए जाने की जानकारी सामने आई है।
इसका उद्देश्य राज्य में समर्थन मूल्य पर होने वाली खरीद की वित्तीय व्यवस्था को सुचारू बनाए रखना है।
कुल ₹42,490 करोड़ से ज्यादा के प्रस्ताव मंजूर
कैबिनेट बैठक के बाद सामने आई जानकारी के अनुसार शिक्षा, परिवहन, सिंचाई, उद्यानिकी, प्रशासन और जनकल्याण सहित अलग-अलग क्षेत्रों से जुड़े प्रस्तावों को मिलाकर ₹42,490 करोड़ से अधिक की राशि के कार्यों को मंजूरी दी गई है।
सरकार के इन फैसलों का असर प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में अलग-अलग रूप से दिखाई देगा। खासतौर पर शिक्षा, सार्वजनिक परिवहन और सिंचाई से जुड़े फैसले सीधे आम लोगों और किसानों के लिए महत्वपूर्ण हैं।
MP Prakash की नजर
मध्य प्रदेश कैबिनेट की मंगलवार की बैठक में लिए गए फैसलों से साफ है कि सरकार का फोकस शिक्षा, सिंचाई, परिवहन और ग्रामीण विकास पर है। ₹42,490 करोड़ से अधिक के प्रस्तावों की मंजूरी और 25 सितंबर से मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा शुरू करने का फैसला आने वाले समय में प्रदेश के इंफ्रास्ट्रक्चर और सार्वजनिक सेवाओं को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि किसी भी योजना का वास्तविक लाभ उसके जमीनी क्रियान्वयन, बजट जारी होने और निर्धारित समयसीमा में काम पूरा होने पर निर्भर करेगा।
स्रोत: कैबिनेट बैठक से संबंधित 15 सितंबर 2026 की प्रकाशित रिपोर्टें।