भोपाल। मध्यप्रदेश में पिछले कुछ दिनों से सक्रिय मानसूनी गतिविधियों के बीच अब बारिश की रफ्तार धीरे-धीरे कम होने के संकेत मिल रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार अगले कुछ दिनों में प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम है, हालांकि कई जिलों में बादल छाए रहने और कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। वहीं 19 सितंबर 2026 के आसपास पश्चिमी राजस्थान से मानसून की वापसी की परिस्थितियां अनुकूल होती दिखाई दे रही हैं।
15 से 17 सितंबर तक कैसा रहेगा मौसम?
मौसम केंद्र भोपाल के पूर्वानुमान के मुताबिक 15 से 17 सितंबर के बीच प्रदेश के कई हिस्सों में बादलों की आवाजाही बनी रह सकती है। खासतौर पर पश्चिमी मध्यप्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की बारिश होने की संभावना है।
वहीं पन्ना, दमोह, सागर, सतना, मैहर, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, सिवनी, मंडला, डिंडोरी, नरसिंहपुर, जबलपुर, कटनी, उमरिया, शहडोल और अनूपपुर जैसे जिलों में भी बादल और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है।
अभी भारी बारिश का दौर थमने के संकेत
मौसम प्रणालियों के कमजोर पड़ने के कारण अगले चार-पांच दिनों में प्रदेश में अति भारी या भारी बारिश की संभावना नहीं बताई गई है। हालांकि कुछ इलाकों में स्थानीय मौसम परिस्थितियों के कारण हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक हो सकती है।
15 सितंबर को जारी एक अन्य मौसम रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के कई जिलों में वर्षा दर्ज की गई। पिछले 24 घंटों में मल्हारगढ़ में 145 मिमी बारिश दर्ज की गई, जबकि सोयतकलां में 76 मिमी बारिश रिकॉर्ड हुई।
MP में अब तक सामान्य से 6% कम बारिश
मानसून सीजन के आंकड़े भी इस समय खासे महत्वपूर्ण हैं। 1 जून से 14 सितंबर 2026 के बीच मध्यप्रदेश में करीब 834.4 मिमी यानी 32.8 इंच बारिश दर्ज की गई है, जबकि इसी अवधि में सामान्य बारिश लगभग 886.6 मिमी यानी 34.9 इंच मानी जाती है।
इस हिसाब से प्रदेश में अब तक सामान्य से करीब 6 प्रतिशत कम बारिश हुई है। पश्चिमी मध्यप्रदेश में स्थिति और कमजोर रही है, जहां औसत से लगभग 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।
37 जिलों में बारिश का आंकड़ा कमजोर
बारिश के वितरण में भी काफी अंतर देखने को मिल रहा है। रिपोर्ट के अनुसार प्रदेश के 37 जिलों में बारिश सामान्य से कम है, जबकि 23 जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।
कुछ जिलों में अच्छी बारिश हुई है, जबकि कई क्षेत्रों में किसानों को अभी भी पर्याप्त बारिश का इंतजार रहा है।
किन इलाकों में अभी बारिश की उम्मीद?
मौसम विभाग के पूर्वानुमान में भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर, राजगढ़, हरदा, बुरहानपुर, खंडवा, खरगोन, बड़वानी, आलीराजपुर, झाबुआ, धार, इंदौर, रतलाम, उज्जैन, देवास, शाजापुर, आगर-मालवा, मंदसौर और नीमच सहित कई जिलों में कहीं-कहीं बारिश की संभावना बताई गई है।
इसके अलावा ग्वालियर, दतिया, भिंड, मुरैना, छतरपुर, टीकमगढ़ और निवाड़ी में अनेक स्थानों पर बारिश या गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है। इन इलाकों में कुछ स्थानों पर तेज हवाएं और वज्रपात की स्थिति भी बन सकती है।
किसानों के लिए मौसम क्यों महत्वपूर्ण?
सितंबर का यह दौर खरीफ फसलों के लिए महत्वपूर्ण है। जिन इलाकों में बारिश सामान्य से कम रही है, वहां सितंबर की बारिश फसलों के लिए उपयोगी हो सकती है। वहीं जहां पहले ही पर्याप्त बारिश हो चुकी है, वहां लगातार बारिश न होने से खेतों में जलभराव और अत्यधिक नमी से जुड़ी समस्याओं का जोखिम कम हो सकता है।
हालांकि किसी एक जिले में फसल की स्थिति का आकलन केवल राज्य के औसत बारिश आंकड़े से नहीं किया जा सकता। स्थानीय बारिश, मिट्टी की नमी और फसल की अवस्था भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है।
MP Prakash की नजर
मध्यप्रदेश में अब मानसून अपने अंतिम चरण की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। फिलहाल बड़ी तस्वीर यह है कि भारी बारिश का दौर कमजोर हो रहा है, लेकिन कई जिलों में हल्की बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
वहीं 19 सितंबर के आसपास मानसून की वापसी के संकेत प्रदेश के लिए मौसम के अगले चरण की शुरुआत का संकेत दे रहे हैं। हालांकि मानसून की वास्तविक विदाई मौसम प्रणालियों और आगामी दिनों की परिस्थितियों पर निर्भर करेगी।
MP Prakash — मध्यप्रदेश के मौसम और हर बड़ी खबर पर पैनी नजर।